“पब्लिक टॉकीज संवाददाता”
सुकमा। जिले के स्वास्थ्य विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) आर.के. सिंह पर महिला कर्मचारी ने छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। पीड़िता ने पूरे मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर सुकमा को सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
शिकायत मिलने के तुरंत बाद कलेक्टर देवेश ध्रुव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच टीम का गठन किया। जांच टीम ने पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता ने शिकायत में बताया कि वह पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किस्टाराम में पदस्थ थी। 21 अगस्त को बिना किसी स्पष्ट कारण के उसका अचानक तबादला सीधे सीएमएचओ कार्यालय कर दिया गया। इसके बाद कार्यालयीन कार्य के बजाय उसे सीएमएचओ के निवास पर भोजन बनाने की ड्यूटी दी गई, जिसे लेकर वह पहले से ही असहज महसूस कर रही थी।

महिला कर्मचारी का आरोप है कि किचन में काम के दौरान सीएमएचओ अक्सर उसे अकेला पाकर पकड़ते, गले लगाते और डबल मीनिंग बातें करते थे। जब उसने इसका विरोध किया तो पद और नौकरी का दबाव बनाकर उसे चुप रहने के लिए मजबूर किया गया। लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आखिरकार उसने शिकायत करने का फैसला किया।
मामला सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने कड़ा रुख अपनाया है। एक पूर्व विधायक ने पूरे प्रकरण में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल महिला उत्पीड़न का मामला है बल्कि प्रशासनिक शक्ति के दुरुपयोग का भी गंभीर उदाहरण है।
फिलहाल जांच जारी है और पूरे जिले की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
