तूफान में उड़ गई छत, मरम्मत के लिए पंचायत से कलेक्टर तक गुहार, लेकिन बेड़मा के बच्चों तक नहीं पहुंची सरकारी नजर
‘पब्लिक टॉकिज संवाददाता’
कोण्डागांव। जिले के अंतिम छोर पर स्थित तुमड़ीवाल ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम बेड़मा में शिक्षा व्यवस्था बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। यहां प्राथमिक शाला में अध्ययनरत 24 छात्र-छात्राएं और दो शिक्षक बीते तीन वर्षों से भवन के अभाव में अध्यापन कार्य करने को मजबूर हैं। विद्यालय भवन मौजूद तो है, लेकिन आंधी-तूफान में छत उड़ जाने के बाद से यह जर्जर हालत में पड़ा हुआ है।

ग्रामीणों के अनुसार, तीन वर्ष पूर्व आए तेज तूफान में स्कूल भवन की छत पूरी तरह उड़ गई थी। इसके बाद पंचायत से लेकर कलेक्टर और क्षेत्रीय विधायक तक से कई बार मरम्मत की मांग की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। मजबूरी में बच्चों को विद्यालय भवन के पास ही इमली के पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
बरसात के दिनों में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। उस दौरान भवन के बरामदे में प्लास्टिक की झिल्ली लगाकर किसी तरह कक्षाएं संचालित की जाती हैं। न तो बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल पा रहा है और न ही शिक्षक ठीक से पढ़ा पा रहे हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि शासन और प्रशासन के अधिकारी आज तक मौके पर निरीक्षण करने नहीं पहुंचे। नतीजतन, बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित इन मासूमों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। शिक्षकों को भी विपरीत परिस्थितियों में कार्य करना पड़ रहा है। एक बार फिर ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द विद्यालय भवन की मरम्मत या नए भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा मिल सके।
