केंद्र सरकार पर नाम बदलने की राजनीति का आरोप, कहा—12 वर्षों में नया काम नहीं, केवल पुराने कानूनों में संशोधन
पब्लिक टॉकिज संवाददाता
कोण्डागांव। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून का नाम बदलने और नियमों में संशोधन किए जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने रविवार को कोंडागांव में जोरदार प्रदर्शन किया। एआईसीसी एवं पीसीसी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में चौपाटी मैदान में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।

धरना स्थल पर वक्ताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में भाजपा ने कोई नई योजना नहीं बनाई, बल्कि कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम बदलने का ही काम किया है। वक्ताओं ने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की सरकार केवल “हवा-हवाई” घोषणाओं में व्यस्त है, जमीनी स्तर पर विकास नजर नहीं आता।
पूर्व विधायक केशकाल संत नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि भाजपा गांधी विचारधारा से नफरत करती है और गोडसे को पूजती है, यही कारण है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी मनरेगा योजना में बदलाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने दम पर कुछ नया नहीं कर सकती, इसलिए पुराने कानूनों में संशोधन कर जनता को गुमराह कर रही है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि घोष ने कहा कि भाजपा यदि नई योजनाएं बनाती है और उनका नाम भगवान राम, कृष्ण या किसी और के नाम पर रखती है तो कांग्रेस को कोई आपत्ति नहीं है। कांग्रेस पार्टी राम विरोधी नहीं है। लेकिन महात्मा गांधी के नाम से नफरत भाजपा की गोडसे-प्रेम की मानसिकता को दर्शाती है। धरना के माध्यम से कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि भाजपा नाम बदलने की परंपरा बंद करे और देश के लिए नए काम करे।
कार्यक्रम के समापन पर पूर्व बस्तर सांसद दिनेश कश्यप एवं कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप की माता स्व. श्रीमती मनकी देवी कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। धरना प्रदर्शन में जिला, ब्लॉक, मंडल, सेक्टर एवं बूथ स्तर के कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
