सीएमओ बोले– “जाँच करूंगा तो सभी दुकानें बंद हो जाएंगी”
“पब्लिक टॉकिज संवाददाता”
कोण्डागांव। दीपावली के मौके पर नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। शहर के पटाखा बाजार में नियमों को ताक पर रखकर व्यापारियों को खुली छूट दे दी गई है। सुरक्षा के बुनियादी नियमों की अनदेखी इतनी हद तक हो रही है कि खुद मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) दिनेश डे ने स्वीकार किया कि “सभी दुकानदारों के पास 5 किलो से अधिक बारूद रखा है और किसी के पास गोदाम नहीं है। जाँच करूंगा तो सभी दुकानें बंद हो जाएंगी।”
नगर पालिका के इस ‘आँख बंद’ रवैये ने शहर में आगजनी जैसी अप्रिय घटना की आशंका को और बढ़ा दिया है। व्यापारी पहले सीएमओ से अपनी समस्याएँ बताने के लिए फोन करते रहे, पर कॉल न उठाने पर उन्होंने सड़क पर ही दुकानें सजा दीं। इसके बाद जब सीएमओ मौके पर पहुंचे तो बेशर्मी से बोले – “मुझे भी मनानी है दीपावली।”

हालात यह हैं कि पटाखा बाजार की हर दुकान नियमों का उल्लंघन कर रही है, फिर भी पालिका प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। सीएमओ ने खुद कबूल किया कि दुकाने अवैध रूप से लगी हैं, पर जाँच से साफ बचते दिखे। जब मीडिया ने सवाल किया कि आपने खुद माना है कि दुकानों में 5 किलो से अधिक बारूद है तो कार्रवाई क्यों नहीं, तो उन्होंने टालते हुए कहा – “अभी टीम नहीं है, बाद में जांच करेंगे।”
सवाल यह है कि क्या नगर पालिका दिवाली के बाद जाँच करेगी? और अगर इस बीच कोई हादसा हो गया तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? गंभीर बात यह भी है कि सीएमओ ने मीडिया के सवालों पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए कहा – “साले पालिका के खिलाफ बाइट देते हो।”

यह बयान न केवल प्रशासनिक मर्यादा की खुली धज्जियाँ उड़ाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि पालिका किस तरह मनमर्जी से काम कर रही है।
नगर पालिका की इस उदासीनता और सीएमओ के गैरजिम्मेदार रवैये ने पूरे शहर की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। सवाल उठना लाजिमी है – जब अधिकारी खुद ‘आँख बंद’ कर बैठे हैं, तो दीपावली पर शहर को सुरक्षित कौन रखेगा?
