“पब्लिक टॉकिज संवाददाता”
कोण्डागांव। दिवाली की रौनक इस बार खतरे की आंच में तप रही है। जिला मुख्यालय स्थित एनसीसी ग्राउंड में सजे पटाखा बाजार में सुरक्षा नियमों की खुली धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिला प्रशासन व अग्निशमन विभाग द्वारा जारी 12 बिंदुओं के दिशा-निर्देश केवल कागजों में सिमट कर रह गए हैं। नतीजतन, पूरे बाजार में हादसे की आशंका साफ नज़र आ रही है।

इस वर्ष 45 अस्थाई दुकानों को पटाखा विक्रय के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं, जो बीते वर्ष की तुलना में कहीं अधिक हैं। परंतु दुकानों की संख्या बढ़ने के बावजूद प्रशासन ने पर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम नहीं किए। कई दुकानों में टिन शेड की जगह ज्वलनशील सामग्री जैसे कपड़ा, प्लास्टिक व बांस का उपयोग खुलेआम किया गया है, जो विस्फोटक अधिनियम का उल्लंघन है।
व्यापारियों ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि धनतेरस से एक दिन पूर्व लाइसेंस जारी किए गए, जिससे तैयारी का समय नहीं मिला और सुरक्षा मानकों को लागू करना संभव नहीं हो सका।
पटाखा दुकानों के बीच तय 3 मीटर की दूरी का पालन नहीं हो रहा है। कई दुकानें हाईटेंशन लाइन और ट्रांसफार्मर के पास स्थित हैं। वहीं, पार्किंग प्रतिबंध, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और आपातकालीन मार्ग जैसे प्रावधानों की भी अनदेखी की गई है।
प्रशासन भले ही सुरक्षा इंतजामों के दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जरा सी चिंगारी से बड़ा हादसा हो सकता है। दिवाली की खुशियों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाना आवश्यक है।
