वन क्षेत्र में अवैध प्लांट, पर्यावरणीय कानूनों की उड़ रही धज्जियां
“पब्लिक टॉकिज संवाददाता”
कोण्डागांव। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत चिखलपुट्टी के संरक्षित वन क्षेत्र पीएफ-447 में अवैध रूप से संचालित हॉट मिक्स प्लांट को लेकर जिला प्रशासन की चुप्पी अब जनभावनाओं के विपरीत जाती दिख रही है। इस अवैध प्लांट की शिकायत 3 जून को एक जागरूक नागरिक द्वारा जनदर्शन में की गई थी, जिसका टोकन नंबर 2230125000505 है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि शिकायत के चार महीने बीत जाने के बावजूद न तो कोई जांच हुई, न ही कोई कार्रवाई की गई।

जानकारी के अनुसार यह हॉट मिक्स प्लांट न तो पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त है और न ही वन विभाग की कोई अनुमति ली गई है। इसके बावजूद यह प्लांट संरक्षित वन क्षेत्र में खुलेआम संचालित हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से निकलने वाला जहरीला धुआं और रासायनिक अवशेष न केवल आसपास की वनस्पतियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि कृषि योग्य भूमि भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यदि यह गतिविधि किसी आम नागरिक या छोटे ठेकेदार द्वारा की जा रही होती, तो अब तक प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई कर प्लांट को जब्त कर लिया गया होता। लेकिन चूंकि मामला कथित रूप से किसी प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा हुआ है, इसलिए जिम्मेदार विभाग मौन साधे हुए हैं। यह स्थिति प्रशासन की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
जनदर्शन जैसी जनहितकारी व्यवस्था को जनता अपनी समस्याओं के समाधान का एक मजबूत माध्यम मानती है। पर जब वहां की गई शिकायतों पर भी कोई ठोस कार्रवाई न हो, तो यह व्यवस्था मात्र औपचारिकता बनकर रह जाती है। इससे ना सिर्फ आम जनता का भरोसा डगमगाता है, बल्कि शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिन्ह लगते हैं।
अब जिले की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस अवैध प्लांट के खिलाफ कब और क्या कार्रवाई करता है। या फिर यह मामला भी रसूखदारों की छत्रछाया में दबा दिया जाएगा और जनदर्शन की गरिमा रसूख के बोझ तले दबती चली जाएगी।
