“पब्लिक टॉकीज संवाददाता”
कोंडागांव: एक ओर शासन-प्रशासन महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करने के लिए नई-नई योजनाएं चला रहा है, वहीं दूसरी ओर कोंडागांव जिला कार्यालय परिसर में “दिया तले अंधेरा” जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। यहां कलेक्टर कार्यालय में वर्षों से संचालित पुष्पांजलि स्व सहायता समूह की दस महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे कैंटीन की हालत दयनीय बनी हुई है।
यह कैंटीन न केवल जिला कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों बल्कि जिलेभर से आने वाले आगंतुकों के लिए भी चाय-पानी और भोजन की व्यवस्था करता है। यही नहीं, कलेक्टर कार्यालय में होने वाली बैठकों में भी इन्हीं महिलाओं के समूह द्वारा चाय-पानी की सप्लाई की जाती है।

समूह की सदस्य उषा पटेल, शिवबती देवांगन, नगीना देवांगन, रुक्मणि कौशिक, शिवकुमारी कौशिक, सविता कौशिक, अनीता पटेल, कुसुम कौशिक और माधुरी देवांगन ने बताया कि वर्ष 2023 और 2024 में की गई बैठकों में चाय-पानी की सप्लाई की राशि अब तक उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। लगभग ₹25,000 की यह राशि अब तक लंबित है।
महिलाओं का कहना है कि वे इसी कैंटीन से अपनी आजीविका चलाती हैं और परिवार का भरण-पोषण करती हैं। भुगतान न मिलने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है, बावजूद इसके वे जैसे-तैसे कैंटीन संचालन जारी रखे हुए हैं। यदि लंबित राशि का भुगतान शीघ्र किया जाए, तो यह उनके लिए बड़ा आर्थिक सहारा सिद्ध होगा और महिला सशक्तिकरण की सच्ची मिसाल भी कायम होगी।

