“पब्लिक टॉकीज” संवाददाता
कोंडागांव। बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति को संजोने और उसे उचित पहचान दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा ‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में जिला स्तरीय प्रतियोगिता कार्यक्रम 27 एवं 28 मार्च 2025 को स्थानीय ऑडिटोरियम में आयोजित होगा।
इस उत्सव में बस्तर संभाग की पारंपरिक लोककला, शिल्प कला, तीज-त्योहार, खान-पान, बोली-भाषा, वेशभूषा, आभूषण, वाद्ययंत्र, पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत, नाट्य कला, पारंपरिक व्यंजन एवं पेय पदार्थों को संरक्षित और संवर्धित करने का प्रयास किया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से जनजातीय कलाकारों को न केवल मंच मिलेगा, बल्कि उन्हें प्रोत्साहन और सम्मान भी प्रदान किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप इस महोत्सव के जरिए बस्तर संभाग की समृद्ध लोककला, रीति-रिवाज और पारंपरिक जीवनशैली को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। ‘‘बस्तर पंडुम’’ न केवल बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य करेगा, बल्कि स्थानीय संस्कृति और विरासत को भी सहेजने में सहायक होगा।
इस महोत्सव में स्थानीय जनजातीय कलाकारों के कला समूहों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ उनके सतत विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह आयोजन बस्तर के सांस्कृतिक गौरव को संजोने और उसे वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

