कोंडागांव में जिला कार्यालय परिसर की प्रतिमा उपेक्षा की शिकार, नागरिकों में रोष
“पब्लिक टॉकिज संवाददाता”
कोण्डागांव। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर जहां पूरे प्रदेश में उत्सव की रौनक रही, वहीं जिला मुख्यालय कोंडागांव से एक निराश करने वाला दृश्य सामने आया। जिला कार्यालय परिसर में स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा प्रशासन की अनदेखी की शिकार बनी रही। मंगलवार शाम 4 बजे तक प्रतिमा स्थल पर न दीप प्रज्वलन हुआ, न फूल-माला अर्पित की गई और न ही किसी प्रकार की सजावट की गई। प्रतिमा पर जमीं धूल और दाग देखकर लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया।

स्थानीय नागरिकों ने कहा —“राज्योत्सव के मंचों पर लाखों रुपये की सजावट और रोशनी की व्यवस्था की गई, लेकिन महतारी की मूर्ति के पास अंधियारा छाया रहा। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता के प्रति अपमान है।”

जानकारी के अनुसार, इस प्रतिमा की स्थापना 26 सितंबर 2023 को की गई थी, जिस पर लगभग 19 लाख रुपये का खर्च आया था। मात्र एक वर्ष में ही उसकी उपेक्षा साफ झलकने लगी है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं — रायपुर में महतारी की मूर्ति खंडित होने की घटना ने प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए थे, जबकि नारायणपुर में भी अनदेखी का मामला चर्चा में रहा। अब कोंडागांव भी उसी पंक्ति में शामिल हो गया है। दूसरी ओर, राज्यभर में मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने छत्तीसगढ़ महतारी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। राजधानी रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महतारी की प्रतिमा को दूध से स्नान कराकर सम्मान प्रकट किया।

कोंडागांव में हुई यह लापरवाही अब चर्चा का विषय बन चुकी है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से तत्काल प्रतिमा की सफाई और सम्मान की व्यवस्था की मांग की है, ताकि भविष्य में राज्य की अस्मिता के प्रतीक “छत्तीसगढ़ महतारी” की ऐसी उपेक्षा दोबारा न हो।
