ग्रामीणों के विरोध के बाद सभा स्थगित, नोडल अधिकारी एवं सरपंच ने ग्राम सभा स्थगित करने का लिया निर्णय
“पब्लिक टॉकिज संवाददाता”
कोण्डागांव। जिले में इन दिनों चल रही विशेष ग्रामसभाओं की गंभीरता उस समय सवालों के घेरे में आ गई जब कोंडागाँव विकासखंड के ग्राम पुसावंड में आयोजित ग्रामसभा में सचिव ललित सेठिया शराब के नशे में धुत्त होकर पहुँच गया।

शुरुआत में सभा सामान्य रूप से चल रही थी, लेकिन जैसे-जैसे सचिव से जानकारी माँगी जाती रही, उसका व्यवहार असामान्य होता गया। ग्रामीणों ने जब जानकारी के अभाव में नाराजगी जताई तो सचिव ने न सिर्फ बातों को टालना शुरू किया बल्कि खुलेआम स्वीकार कर लिया कि वह नशे में है।
सचिव ललित सेठिया ने सभा के बीच में ही कहा– “जिसे जो करना है कर लो, मैं आज पीकर आया हूँ। मेरा तबादला हो चुका है। जो जानकारी चाहिए, वह सरपंच से लो।”
सचिव के इस गैरजिम्मेदाराना रवैये से आक्रोशित ग्रामीणों ने तुरंत नोडल अधिकारी को ग्राम सभा स्थगित करने कहा, जिसके बाद ग्रामसभा को स्थगित कर दिया गया।
ग्रामीणों ने की कार्यवाही की माँग
ग्रामीणों ने इस अमर्यादित आचरण पर कड़ा विरोध जताते हुए जिला प्रशासन से संबंधित सचिव के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की माँग की है। उनका कहना है कि इस प्रकार का नशे में धुत आचरण न सिर्फ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का अपमान है, बल्कि ग्रामसभा की गरिमा को भी ठेस पहुँचाता है।
