नारायणपुर। कांकेर और नारायणपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का दशकों पुराना सपना आखिरकार साकार हो गया। रायपुर से रवाना हुई पैसेंजर ट्रेन रावघाट रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां ग्रामीणों ने तालियां बजाकर और उत्साह के साथ इस ऐतिहासिक पल का स्वागत किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
फूलों से सजी ट्रेन का हुआ स्वागत
रावघाट पहुंची ट्रेन की बोगियों को गेंदे के फूलों से सजाया गया था। नारायणपुर जिले की सीमा से लगे ग्राम सरंगीपाल स्थित नवनिर्मित रेलवे स्टेशन पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने ट्रेन में सफर कर पहुंचे यात्रियों का स्वागत किया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने बुजुर्गों से इस क्षेत्र में रेल सेवा शुरू होने की बातें सुनी थीं। अब उनका वर्षों पुराना सपना सच होता दिखाई दे रहा है।
छात्रों और छोटे कारोबारियों को मिलेगी राहत
रेल सेवा शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को कम किराये में आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। रोजगार की तलाश में रायपुर और अन्य शहरों की ओर जाने वाले युवाओं को इससे राहत मिल सकती है। वहीं, छात्रों, किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए भी रेल संपर्क उपयोगी साबित हो सकता है। किसानों को कृषि उपकरण खरीदने और अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिलने की संभावना है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि रेल संपर्क बढ़ने से क्षेत्र में व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। इसके साथ ही आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की पहुंच बेहतर बनाने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, इन लाभों का वास्तविक असर रेल सेवा की नियमितता, किराये, कनेक्टिविटी और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर निर्भर करेगा।
कांकेर सांसद भोजराज नाग और अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी ने इस रेल परियोजना को क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। दशकों तक नक्सलवाद और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों से प्रभावित रहे इस इलाके में रेल सेवा की शुरुआत को ग्रामीणों ने विकास की नई उम्मीद के रूप में देखा है। अब लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में रेल नेटवर्क का विस्तार दूरस्थ गांवों को भी बेहतर परिवहन सुविधाओं से जोड़ेगा।
