कोंडागांव, छत्तीसगढ़। बड़े डोंगर स्थित भैंसादोंद पहाड़ अपनी अनोखी धार्मिक मान्यताओं के लिए जाना जाता है। मंदिर समिति के अनुसार, यहां मां दुर्गा, महिषासुर राक्षस और शेर के पंजों के निशान मौजूद हैं। स्थानीय मान्यता इन कथित पदचिह्नों को मां दुर्गा और महिषासुर के बीच हुए पौराणिक युद्ध से जोड़ती है।
भैंसादोंद पहाड़ पर पदचिह्नों की मान्यता
स्थानीय लोग इस पहाड़ को भैंसादोंद पहाड़ के नाम से जानते हैं। मंदिर समिति का दावा है कि पहाड़ पर मां दुर्गा, महिषासुर और शेर के पदचिह्न देखे जा सकते हैं। इन निशानों को देखने और उनके दर्शन करने के लिए श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। हालांकि, इन पदचिह्नों की ऐतिहासिक पुष्टि स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं है।
नवरात्रि में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
शारदीय नवरात्रि के दौरान बड़े डोंगर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नौ दिनों तक चलने वाले धार्मिक आयोजन, पारंपरिक जोगी बिठाई और मनोकामना ज्योति कलश की स्थापना इस पर्व को विशेष बनाते हैं।
बड़े डोंगर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी रहा है। यहां का दंतेश्वरी मंदिर और भैंसादोंद पहाड़ से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं इस क्षेत्र को विशिष्ट पहचान देती हैं।
रिपोर्ट: Public Talkies
