समाज की प्रमुख मांगें:
🔹 पिछड़ा वर्ग को 27% आरक्षण प्रदान किया जाए।
🔹 राष्ट्रीय जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम निर्धारित किया जाए।
🔹 पांचवीं अनुसूची एवं पेसा क्षेत्र में निवासरत मूलनिवासी समाज को नियमानुसार सुविधाएं और अधिकार दिए जाएं।
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ सर्व पिछड़ा वर्ग समाज ने पिछड़ा वर्ग की विभिन्न मांगों को लेकर रविवार, 18 अक्टूबर को कोण्डागांव विधानसभा क्षेत्र की विधायक सुश्री लता उसेंडी को ज्ञापन सौंपा। समाज के पदाधिकारियों ने विधायक के निवास पर पहुंचकर तीन सूत्रीय मांगों को शासन तक पहुंचाने की अपील की। कार्यक्रम जिलाध्यक्ष रैमल दीवान के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
समाज की प्रमुख मांगों में पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना, राष्ट्रीय जनगणना में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की तरह अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए भी अलग कॉलम निर्धारित करना तथा पांचवीं अनुसूची एवं पेसा क्षेत्र में निवासरत मूलनिवासी समाज को नियमानुसार सुविधाएं और अधिकार उपलब्ध कराना शामिल है।
सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व की मांग
छत्तीसगढ़ सर्व पिछड़ा वर्ग समाज का कहना है कि पिछड़ा वर्ग की वास्तविक जनसंख्या के अनुरूप प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना जरूरी है। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अलग कॉलम निर्धारित होने से जनसंख्या संबंधी आंकड़ों को स्पष्ट रूप से सामने लाने में मदद मिलेगी। वहीं, आरक्षण सहित अन्य मांगों पर सकारात्मक पहल से समाज को संवैधानिक अधिकारों का लाभ मिल सकेगा।
समाज की ओर से बस्तर संभाग के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में भी विधायकों एवं सांसदों को ज्ञापन सौंपकर मांगों से अवगत कराने का कार्यक्रम चलाया गया। ज्ञापन सौंपने के दौरान पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।
इस अवसर पर संभागीय संगठन महामंत्री नीलकंठ शार्दूल, जिला महामंत्री मनोज देवांगन, मुख्य संरक्षक अमित गुप्ता, सलाहकार भारत जैन, कर्मचारी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष रामदेव कौशिक, चमन वर्मा, जिला मीडिया प्रभारी कृष्ण मानिकपुरी, विकासखंड प्रमुख हरिशंकर देवांगन सहित आनंद पवार, डमरुधर यादव, प्रकाश सेठिया, रामरुद्र पटेल, रेवतमल देवांगन, लखेश्वर पांडे, बलदेव शार्दूल, देवेंद्र यादव, सोनधर यादव, दलेंद्र परासर एवं प्रमोद मानिकपुरी समेत समाज के अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
समाज ने तीनों मांगों को लेकर एकजुटता जताते हुए जनप्रतिनिधियों से शासन स्तर पर सकारात्मक पहल करने की अपेक्षा की।
