कैदी को जेल छोड़ने पहुंचे थे दोनों पुलिसकर्मी, वीडियो वायरल होने के बाद दुर्ग एसपी ने किया निलंबित; पांच दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश
दुर्ग/अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। दुर्ग जिले से कैदी को अंबिकापुर जेल में दाखिल कराने पहुंचे एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) और एक आरक्षक बस स्टैंड परिसर में कथित तौर पर शराब के नशे में बेसुध मिले। हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान उनकी सरकारी इंसास राइफल भी लावारिस हालत में पड़ी मिली। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
कैदी को जेल छोड़ने पहुंचे थे अंबिकापुर
जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक जीवन प्रकाश एक्का और आरक्षक क्रमांक 1223 ऋषिकांत त्रिपाठी को 17 अक्टूबर को एक कैदी को जेल में दाखिल कराने के लिए अंबिकापुर भेजा गया था। बताया जा रहा है कि 18 अक्टूबर को शाम करीब 5:40 बजे दोनों पुलिसकर्मी अंबिकापुर के नए बस स्टैंड परिसर में पुलिस की वर्दी में नशे की हालत में बेसुध पड़े मिले।
लावारिस हालत में मिली सरकारी राइफल
आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मी शराब के नशे में जमीन पर बेसुध होकर सो गए थे। इस दौरान उनकी सरकारी इंसास राइफल सुरक्षित रखने के बजाय लावारिस हालत में पड़ी मिली। सार्वजनिक स्थान पर सरकारी हथियार की इस तरह असुरक्षित स्थिति सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी के प्रति जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठने लगे।
मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से इंसास राइफल जब्त कर वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी।
दोनों पुलिसकर्मी निलंबित, जांच के आदेश
अंबिकापुर पुलिस से सूचना मिलने के बाद दुर्ग पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद दोनों को दुर्ग के आरक्षित केंद्र में अटैच किया गया है। साथ ही मामले की जांच कर पांच दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस घटना ने पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली, सरकारी हथियारों की सुरक्षा और ड्यूटी के दौरान अनुशासन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
