कोंडागांव। जिले के शासकीय स्कूलों में मध्यान्ह भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को बीते चार माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में जिला रसोइया संघ ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को एनसीसी ग्राउंड में जिलेभर के रसोइयों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें लंबित वेतन भुगतान को लेकर नाराजगी जताते हुए आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तैयार की गई।
जिला रसोइया संघ के जिलाध्यक्ष सगराम मरकाम ने बताया कि जिले के रसोइयों को पिछले चार माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन भुगतान की मांग को लेकर संघ की ओर से कई बार जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को पत्राचार किया गया था। साथ ही अधिकारियों को 11 अक्टूबर तक वेतन उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम भी दिया गया था। इसके बावजूद न तो वेतन भुगतान किया गया और न ही इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी दी गई।
16 अक्टूबर को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक निकलेगी महारैली
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 16 अक्टूबर, शुक्रवार को जिलेभर के रसोइये महारैली निकालकर जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। संघ ने चेतावनी दी है कि इसके बाद भी यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और लंबित वेतन का भुगतान नहीं हुआ, तो रसोइये अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।
3300 रसोइये हड़ताल पर, मध्यान्ह भोजन प्रभावित
संघ के अनुसार, जिले में लगभग 3300 रसोइये कार्यरत हैं। चार माह से वेतन नहीं मिलने के कारण रसोइया संघ ने 29 सितंबर 2026 से हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के चलते रसोइयों ने स्कूलों में खाना बनाना बंद कर दिया है, जिससे शासकीय स्कूलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था प्रभावित हुई है।
रसोइया संघ का कहना है कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने शासन-प्रशासन से लंबित वेतन का जल्द भुगतान करने और समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। अब सभी की नजरें 16 अक्टूबर को प्रस्तावित महारैली और उसके बाद प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं।
