कोंडागांव। मोबाइल खरीदने जाइए तो कई दुकानों पर फोन के साथ गिफ्ट, कूपन, लकी ड्रॉ और आकर्षक ऑफर देखने को मिलते हैं। कई जगह ग्राहकों के लिए बड़े आयोजन किए जाते हैं, जिनमें स्कूटी, बुलेट और थार जैसी महंगी गाड़ियों तक के इनाम दिए जाने का दावा किया जाता है। ऐसे में आम ग्राहक के मन में स्वाभाविक सवाल उठता है कि आखिर एक मोबाइल बेचने पर दुकानदार और कंपनी को कितना मार्जिन मिलता है?
सवाल सिर्फ ग्राहकों को मिलने वाले गिफ्ट और इनाम तक सीमित नहीं है। मोबाइल कंपनियों की ओर से रिटेलर्स के लिए भी अलग-अलग तरह के इंसेंटिव और टूर की योजनाएं संचालित की जाती हैं। बेहतर बिक्री करने वाले रिटेलर्स को गोवा, सिंगापुर जैसे स्थानों के टूर और अन्य प्रोत्साहन मिलने की चर्चा भी अक्सर सामने आती है।
आखिर इस पूरे कारोबार का गणित क्या है? क्या मोबाइल में वास्तव में इतना ज्यादा मार्जिन होता है कि ग्राहकों को महंगे गिफ्ट और लाखों रुपये के इनाम दिए जा सकें? या फिर इसके पीछे कंपनियों की मार्केटिंग रणनीति, डिस्ट्रीब्यूटर इंसेंटिव और बिक्री बढ़ाने की प्रतिस्पर्धा काम करती है?
इन्हीं सवालों को लेकर Public Talkies के खास पॉडकास्ट में कोंडागांव के मोबाइल विक्रेता विजय राहुजा से बातचीत की गई है। बातचीत में मोबाइल के मार्जिन, रिटेलर इंसेंटिव, गिफ्ट स्कीम, लकी ड्रॉ, बड़े इनाम और कंपनियों की मार्केटिंग रणनीति से जुड़े सवालों पर चर्चा की जाएगी।
साथ ही यह भी समझने की कोशिश होगी कि मोबाइल बेचने में असली कमाई कहां होती है और ग्राहकों को मिलने वाले आकर्षक ऑफर्स के पीछे पूरा बिजनेस मॉडल क्या है।
