कोंडागांव।
“पान मसाला और तंबाकू स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है…” यह चेतावनी आपने सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और पान मसाला के पैकेट पर जरूर पढ़ी होगी। कई लोग इसे पढ़ते हैं, मुस्कुराते हैं और फिर उसी अंदाज में अगला कश या गुटखे की पुड़िया खोल लेते हैं। तर्क भी बड़ा सीधा—“भाई, नियम है इसलिए लिखना पड़ता है!”
लेकिन कोंडागांव में इसी चेतावनी और पान मसाला के विज्ञापन का एक ऐसा ‘कॉम्बिनेशन’ नजर आया, जिसने राहगीरों का ध्यान खींच लिया।
कोंडागांव से जगदलपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर बंधा तालाब के पास एक दीवार पर पान मसाला का विशाल विज्ञापन लगा हुआ दिखाई देता है। सड़क से गुजरते हुए नजर विज्ञापन पर पड़ती है, कुछ पल के लिए रुकती है और फिर लोग आगे बढ़ जाते हैं।
लेकिन गौर से देखने पर मामला थोड़ा दिलचस्प नजर आता है। जिस भवन की दीवार पर यह विशाल पान मसाला विज्ञापन लगा है, वह एक निजी अस्पताल की बिल्डिंग बताई जा रही है। भवन पर नाक, कान और गला संबंधी अस्पताल का उल्लेख भी है।
यानी एक तरफ अस्पताल—जहां लोग अपने स्वास्थ्य की समस्या लेकर इलाज कराने पहुंचते हैं, और दूसरी तरफ उसी भवन की दीवार पर पान मसाला का विज्ञापन, जिसके साथ वैधानिक चेतावनी भी लिखी है—“पान मसाला चबाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।”
अब सवाल यह है कि अस्पताल आने वाला मरीज इस नजारे को देखकर क्या सोचेगा?
क्या वह इसे महज एक विज्ञापन मानेगा या फिर स्वास्थ्य और विज्ञापन के इस अनोखे मेल पर सवाल भी उठाएगा?
फिलहाल यह तस्वीर चर्चा का विषय जरूर बन गई है। आप इस ‘स्वास्थ्य बनाम विज्ञापन’ वाले कॉम्बिनेशन को कैसे देखते हैं? कमेंट में जरूर बताइए।
