कोंडागांव में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भाजपा सरकार पर ओबीसी आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर निशाना साधते हुए 27 प्रतिशत आरक्षण विधेयक को लागू करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार ओबीसी सहित आरक्षित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी कर रही है।
कोंडागांव। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भाजपा सरकार पर ओबीसी और अन्य आरक्षित वर्गों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा पिछड़ा वर्ग के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद ओबीसी समाज के अधिकारों को लेकर सरकार का रवैया स्पष्ट नहीं है।
मोहन मरकाम ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2022 में विधानसभा के विशेष सत्र में ओबीसी सहित विभिन्न वर्गों के आरक्षण से संबंधित विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया था। इसमें ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का प्रावधान था। उनका आरोप है कि विधेयक के लागू नहीं होने से ओबीसी युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों में नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद भी आरक्षण के मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। मरकाम ने क्वांटिफायबल डेटा आयोग की रिपोर्ट, सरकारी भर्तियों में ओबीसी रोस्टर और बैकलॉग पदों तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के बजट को लेकर भी सवाल उठाए।
मरकाम ने कहा कि कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और छोटे व्यवसायों से बड़ी संख्या में ओबीसी समाज जुड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार की नीतियों का सीधा प्रभाव इस वर्ग पर पड़ता है। उन्होंने सरकार से पूछा कि यदि भाजपा ओबीसी हितैषी है तो 27 प्रतिशत आरक्षण विधेयक को लागू करने में देरी क्यों हो रही है।
उन्होंने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भी राहुल गांधी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की जरूरत है। मरकाम ने सरकार से आरक्षण संबंधी लंबित मुद्दों पर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की।
