जिला परिषद के सहायक सचिव जयप्रकाश नेताम बोले- बिजली बिल बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्ग पर बढ़ा आर्थिक बोझ, योजना पर तत्काल रोक की मांग
कोण्डागांव। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर योजना को लेकर राजनीतिक विरोध तेज होता जा रहा है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) जिला परिषद कोण्डागांव के सहायक सचिव जयप्रकाश नेताम ने स्मार्ट मीटर योजना को जनविरोधी बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर योजना पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी और अब भाजपा सरकार इसे आगे बढ़ा रही है।
नेताम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही इस योजना को लागू करने को लेकर एकमत रही हैं, जबकि इसका आर्थिक भार आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल दो से चार गुना तक बढ़े हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख विज्ञप्ति में नहीं किया गया है।
बिल बढ़ने का लगाया आरोप, जांच की मांग
सीपीआई नेता ने कहा कि स्मार्ट मीटरों में वास्तविक बिजली खपत से अधिक रीडिंग दर्ज होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में तीन से चार गुना तक अधिक खपत दर्ज की गई है। नेताम ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने और गलत बिलिंग पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर योजना से निजी कंपनियों और बड़े औद्योगिक घरानों के व्यावसायिक हितों को फायदा पहुंच रहा है, जबकि आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
कांग्रेस के विरोध पर भी उठाए सवाल
जयप्रकाश नेताम ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे अभियान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जब सत्ता में थी, तब इसी योजना को आगे बढ़ाया गया था और अब विपक्ष में आने के बाद उसका विरोध किया जा रहा है। सीपीआई नेता ने कांग्रेस के मौजूदा विरोध को राजनीतिक बताते हुए कहा कि जनता को दोनों प्रमुख दलों के रुख और पूर्व के फैसलों को ध्यान में रखना चाहिए।
केंद्र के निर्देश का हवाला देकर जबरदस्ती लागू करने का आरोप
भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए नेताम ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के निर्देशों का हवाला देकर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। उन्होंने दावा किया कि उपभोक्ताओं की सहमति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं और सरकार को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
सीपीआई ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
सीपीआई जिला परिषद कोण्डागांव ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर पांच प्रमुख मांगें रखी हैं—
स्मार्ट मीटर योजना पर तत्काल रोक लगाई जाए और जबरन मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद की जाए। पहले से लगाए गए स्मार्ट मीटर हटाकर पारंपरिक मीटर बहाल किए जाएं। बढ़े हुए बिजली बिलों की स्वतंत्र जांच कराई जाए और गलत बिलिंग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी वापस लेकर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। पूर्व में लागू 400 यूनिट तक मुफ्त/सब्सिडी वाली बिजली योजना को फिर से लागू किया जाए।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
सीपीआई नेता जयप्रकाश नेताम ने कहा कि पार्टी स्मार्ट मीटर योजना के खिलाफ जनता के बीच जाकर जागरूकता अभियान चलाएगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी करेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपने बिजली बिल और मीटर रीडिंग की जांच करने तथा किसी तरह की विसंगति मिलने पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
