सूरजपुर/भैयाथान। भैयाथान में महिला स्व-सहायता समूहों और जनपद पंचायत प्रशासन के बीच कार्यालय खाली कराने को लेकर विवाद अब जिला पंचायत तक पहुंच गया है। ‘मां महामाया महिला ग्राम संगठन’ और ‘रानी लक्ष्मीबाई महिला क्लस्टर संगठन’ से जुड़ी महिलाओं ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पर फोन के माध्यम से कार्यालय खाली करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
महिलाओं का कहना है कि उनका कार्यालय वर्ष 2019 से ट्राईबल मार्ट परिसर में संचालित हो रहा है। लंबे समय से यहां महिला समूहों से जुड़ी गतिविधियां और संगठनात्मक कार्य किए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि कार्यालय खाली कराने को लेकर अब तक उन्हें कोई लिखित आदेश या औपचारिक नोटिस नहीं दिया गया है। ऐसे में महिलाओं ने सवाल उठाया है कि यदि कार्यालय खाली कराने का निर्णय नियमों के तहत लिया गया है, तो उन्हें लिखित आदेश क्यों नहीं दिया जा रहा है?
महिला समूहों की सदस्यों ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों और विभिन्न आयोजनों में भीड़ जुटाने तथा सहभागिता के लिए महिलाओं को आगे किया जाता है, लेकिन जब उनके अधिकार और कार्यालय की बात आती है तो उन पर दबाव बनाया जा रहा है। महिलाओं ने सवाल किया कि “क्या महिलाएं सिर्फ भीड़ जुटाने के लिए हैं?”
महिलाओं ने स्पष्ट किया कि वे बिना लिखित आदेश और उचित वैकल्पिक व्यवस्था के कार्यालय खाली नहीं करेंगी। उनका कहना है कि महतारी सदन का निर्माण पूरा होने और सुरक्षित एवं सुविधाजनक वैकल्पिक कार्यालय उपलब्ध होने के बाद ही वे स्थान परिवर्तन पर विचार करेंगी।
महिला संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर जिला पंचायत स्तर पर भी अपनी बात रखी है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगी। मामले को लेकर अब जनपद पंचायत प्रशासन की ओर से क्या जवाब दिया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
