“पब्लिक टॉकीज संवाददाता”
कोंडागांव। जिले के ग्राम कोकोड़ी स्थित मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जारी है। सैकड़ों महिला-पुरुष प्लांट परिसर के बाहर डटे हुए हैं और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कोंडागांव के अलावा आसपास के जिलों से भी अतिरिक्त फोर्स मंगाई गई है, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
दरअसल, ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला धुआं, गंदा पानी और ठोस अपशिष्ट आसपास के खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे फसलें खराब हो रही हैं। सरपंच मनसुख नेताम का कहना है कि इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से आंदोलन शुरू कर दिया।
मामले ने उस वक्त उग्र रूप ले लिया जब शनिवार रात को कोकोड़ी ग्राम के पारा टेंगना पखना में एक शादी समारोह चल रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, भोजन के दौरान प्लांट से आ रही बदबू और मक्खियों के भिनभिनाने से लोग परेशान हो गए। आक्रोशित ग्रामीण खाना छोड़कर प्लांट पहुंचे और वहां तोड़फोड़ शुरू कर दी। प्लांट परिसर में खड़ी कार, ट्रैक्टर सहित कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, घटना में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कोंडागांव के एसपी, एसडीएम सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। कुछ समय के लिए स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस बल को भी पीछे हटना पड़ा। बताया जा रहा है कि एक वाहन चालक को जान बचाने के लिए रातभर जंगल में छिपकर रहना पड़ा।
ग्रामीणों की मांग है कि कलेक्टर स्वयं मौके पर आकर उनसे चर्चा करें। उनका कहना है कि जब तक प्रदूषण की निष्पक्ष जांच नहीं होती और नुकसान की पुष्टि होने पर प्लांट को बंद करने की ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है।
