कांकेर। दशकों से रेल सुविधा का इंतजार कर रहे नारायणपुर और आसपास के दूरस्थ इलाकों के लिए 22 सितंबर 2026 का दिन ऐतिहासिक रहा। ताड़ोकी से रावघाट तक बिछाई गई नई ब्रॉडगेज विद्युतीकृत रेललाइन पर पहली बार CRS निरीक्षण ट्रेन रावघाट स्टेशन पहुंची। ट्रेन की सीटी गूंजते ही स्टेशन पर मौजूद रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी।
नारायणपुर जिले की सीमा से लगे सारंगीपाल क्षेत्र में बने रावघाट स्टेशन को इस मौके पर फूल-मालाओं से सजाया गया था। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) सुमित सिंघल ने ताड़ोकी से रावघाट तक रेललाइन, सिग्नल, स्टेशन और सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि लाइन का निरीक्षण पूरा हो चुका है और ट्रैक यात्री ट्रेन संचालन के लिए उपयुक्त है। फिटनेस सर्टिफिकेट के बाद ताड़ोकी तक आने वाली यात्री ट्रेन को रावघाट तक बढ़ाया जा सकता है।
रायपुर मंडल के DRM दयानंद ने बताया कि रावघाट के बाद रेललाइन को बस्तर तक पहुंचाने का काम जारी है। परियोजना के तहत कुछ हिस्सों का काम पूरा हो चुका है, जबकि अन्य क्षेत्रों में निर्माण तेजी से चल रहा है।
दशकों का इंतजार हुआ खत्म
स्थानीय लोगों के लिए रावघाट तक ट्रेन पहुंचना केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि वर्षों पुराने सपने के पूरा होने जैसा है। क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहा, जिसके कारण विकास परियोजनाओं के सामने सुरक्षा बड़ी चुनौती रही। अब बदलते हालात के बीच रेल कनेक्टिविटी की शुरुआत को क्षेत्र के विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यात्री रेल सेवा शुरू होने से रायपुर, दुर्ग समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों तक पहुंच आसान होगी। सड़क परिवहन पर निर्भरता और यात्रा का समय व खर्च कम होने के साथ शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन को भी गति मिलने की संभावना है।
दल्ली राजहरा–रावघाट–जगदलपुर रेल परियोजना के तहत रावघाट तक रेल पहुंचना एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। हालांकि नियमित यात्री ट्रेन के संचालन की तारीख और ट्रेन नंबर की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। CRS निरीक्षण के बाद अब रावघाट तक यात्री रेल सेवा शुरू होने की दिशा में अहम कदम आगे बढ़ा है।
